आप सभी बिहार से अछी तरह से परीचित होंगे, पर सबसे ज्यादा आप जानते होंगे बिहार को उसके अवगुणों, बुराइयों, उसके बदहाल गांवो से उसकी गरीबी से हरतरफ फैले भ्रस्ताचार से, अपने राज्य मै रोजगार न मिलने के कारन देश के कोने कोने मै रोजी रोटी कमा रहे बिहारियों से. आप बिहार को जानते होंगे एक पिछडे और गरीब राज्य के नाम से…………बुनियादी अवसक्तायों से अभावग्रस्त राज्य के नाम से……………या फिर अपहरण, लूट और सरेआम हत्या होने वाले अपराधों के गढ़ के रूप में…………बाढ़ में डूबे हुए अशिक्षित लोगों से……या फिर बार – बार असम और महारास्ट्र से भगाए जा रहे बेकसूर लोगों से.ये सच है, पर 100% नहीं. बल्कि आधी हकीकत है!!पर मैं आज आप सबको एक ऐसे बिहार से परिचित करने जा राही हूं जो महर्षि विश्वामित्र, बुध, महावीर और अशोक की धरती है. बिहार में स्नातकओ की संख्या आँध्रप्रदेश + केरल से भी अधिक है,यहाँ हत्या और बलात्कार की दर डेल्ही और महारास्ट्र से कम है, बिहार के किसान आत्महत्या नहीं करते.......बिहार हर साल देश को सबसे ज्यादा आईएस अधिकारी देता है हर साल बिहारी टॉप होते है आईएस और अन्य प्रतियोगितावो में.कई बार बिहारी स्टूडेंट्स को प्रतियोगी परिक्षावो में जाने पर बाहर के स्टूडेंट्स….हंगामा करते हैं. कहते है जिस एक्साम में देखो, बिहारी उसी में घुसे चले आते हैं….हर जगह अपना कब्जा ज़माने में लगे है! पर क्या कभी उन लोगों ने बिहार के गाँव (villages)में , यहाँ की उन तंग गलियों में कबी झाकने की कोशिश की है, देखा है कभी की कीस तरह दुनिया से बेखबर गरीबी में भी दिन रात अपनी मंजिल को पाने की कोशिश में लगे रहते हैं…!यहाँ अभावों में भी पढ़ते है….जी तोड़ मेहनत करते हैं और सफल भी होते हैं!पर आलम ये है की सफल होने के बाद लोग अपने नाम के साथ बिहारी सब्द जोड़ने नहीं चाहते …!!. ना जाने क्यों वो खुद को बिहारी कहलाना नहीं चाहते?ये बात अलग है की वे कभी बिहार की तरक्की के लिए कुछ करने की जोहमत भी नहीं उठाते!!!मेरे ख्याल से जिन्होंने बिहार के लिए कुछ नहीं किया , या करने की जरूरत नहीं समझते, उन्हें बिहार की बुराई करने का कोई हक़ नहीं है.जो हो, सो हो! पर पिछले कुछ सालों में तरक्की और बदलाव की अक बयार चली है जो अब कभी नहीं रुकेगी. बिहार के सभी लोग इस बयार को महसूस कर रहे हैं. और जो नहीं महसूस कर रहे,वो सरकार के प्रति अपने नकरात्मक सोच के कारन!ये बदलाव सिक्षा ,व्यापार, मनोरंजन ,बेसिक जरूरतों और जीवन अस्तर जैसे सभी छेत्रों में हो रही है.परन्तु अभी बहुत कुछ होना और करना बाकि है.प्रतिजना समाज चाहता है कुछ करे अपने बिहार के लिए उसके तरक्की के लिए प्रतिज्ञा समाज का बिहार को तरक्की के रस्ते पे निरंतर आगे बढ़ाने के लिए दृढ सांकल है, आइये हम सब मिल के प्रतिज्ञा करे की अपने बिहार के लिए हमसे जो भी होसके करे और इसके नकारात्मक छवि को बदले.पहले कभी बिहार मगध राज्य के रूप में एक समृद्ध राज्य रहा है. नालंदा विश्व विद्यालय जो आज एक खंडहर बन चुक्का है, कभी विश्वविख्यात था!विश्वामित्र की तपो भूमि और बुध, महावीर की कर्मभूमि भी बिहार ही रहा है .आज जरुरत है बिहार में नये अस्तर पर ‘टूरिस्म’ को डेवेलोप करने की। बिहार में ऐसी कई टूरिस्ट प्लेसेस हैं जो इंटरनेशनल लेवल पर डेवेलोप हो सकते है।नालंदा, पावापुरी, राजगीर, गया, बोधगया, मधुबनी जैसे कई ख़ूबसूरत जगहें है!! sadhana

6 टिप्‍पणियां:

  1. bahut hi shaandaar likha hai aapne. aaj ke bihar ko aapne bilkul ek pristh pe rach kar parosh diya hai. itane achhe varnan ke liye aap dher saari badhayeeyon ki patra hain.

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  2. Aapki aisi bhavna ko main hardik dhanayabad deta hun,kintu jo kamjor and immature person hain, Bihar ko uske burai and bharastachar se jaante hain kyunki unko sayad pata nhi.Bura Jo dekhan Main Chala, Bura Na Milya Koi,Jo Dil Dhoonda Appna,Mujhse Bura Na Koi.Aur Kisi ek state ki Burai karke , Aap batana chah rahe ho ki, aapka Bharat Pichhe hai...So we should follow "Think Globaly and Act Locally" Dhanybad.

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  3. Bahut Khub Likha hai apne......padh ke man gad gad-gad hogaya, bihari hone par garv karane ke anaginat karak hamare atit aur vartaman se jude hain . unaka kshetr itana vyapak hai ki use panno men ata pana namumakin hai, fir bhi apne bahut kuchh bataya apne BIHAR ke bare me etne kam words me.....bahut bahut dhanywad apko......pratigya samaj ke sadasy ke nate apke har koshis me ham apke sath hai.

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  4. Bahoot hi acha lika hai aapne aur mai bhai hone ke hak se ek critic ke tarah apna pritkriya doonga boora mat maniyega sayed ishe pad kar aap ko aur achi likne ke takat meelegi ;;;;;

    Par yeh to sabhi jante hain ke Bihar in brasth rajnetaon ki wajah se itne badsoorat ho gaye warna Bihar me hi pahla bishwabidyalay tha hamare pratham rastra pati bhi Bihari thaiy ...

    jis rajya se itne ips ias bante hain ushe rajya main brastachar ka alam is kadar chahaya hooa hai ki hum apne aap ko Bihari kahne se sarmate hain ....

    Kahi bhi chale jaye train main kashmir se kanya kumari tak aur kach se deeegboi tak lekin aap sabse jyada railway police ki brastachar kahan dekhte hai bihar main .....

    To yeh IPS IAS KYA KARTE HAI KABHI BHI APNE RAJYA KO KYON NAHI SUDHARTE ....

    aur hum jante hai in bhrasht netaon ko par phir bhi ye aalam dekye ki hum unke peeche peeche dodte hai aur unki jee hooojooori karte hai ...

    Hame agar apne isthiti soodharni hai to hume kranti ki tayari kani hogi ..

    Aap chahe ki kooch barojgari doorkarne ke liye agar ek Factory lagate hai to aap ek samaj ke bhali karte hai par neta gan aur sarkari adhikari aapki sahayta karne ke bajay aap ke peeche pad jate hai ...aur neta log aapke bache ko uta kar ransome mangte hai to bataye ki ish state ka kya hoga...
    aisha aur kishi state main nahi hota jaishe south ke kishi public se pooch le ....
    aisha wahan nahi hota...
    Par akhir main main yahi kahoonga ki aapne sabdo ko badi acchi tarah se piro kar ek sundar lekh banaya hai ....

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  5. Ye hakikat hai Bihar ki aur jo hum Padhate aur Sunate aaye hai woh sirf aur sirf kori bakwas hai ... Hume sikhana chahiye Humare Bihari bhai yon se ke kaise aap ko aagen badhana hai ...

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  6. aapne kafi accha likha hai lakin. yah sach hai ki apni is situation ke liye hum khud bihari hi jimevar hai aur apne ne apni rachna me gautam budh ka kahi varnan nahi kiya hai waise aapki rachna padh ke man gad gad ho jata hai. I am proud to be bihari umid hai aage bhi aap yesha hi likhti rahengi aur sabhi bihariyo me jagran layngi.es racnna ke liye dher sari badhayeya.

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aap ka swagat hai ...!!!!